ये जिंदगी खूबसूरत है चारो और नज़र घुमाने पर खूबसूरत नज़ारे मन को मोह लेते है नदिया पहाड़ ,बगीचे ,बर्फ के खेल रंग बिरंगी तितलियाँ सुंदर सुंदर ऊचे ऊचे पेड़ भला किसे नहीं भाते जी चाहता है इसे बस इन्हे निहारते रहे और यही डेरा जमा कर रात और दिन बीतते रहे इनसे प्यार करे इनको चूमते रहे और यही खेलते रहे बाकि क्या रख है इस बेदर्द ज़माने में।
काश ईश्वर हमें यही जिंदगी गुजारने का मौका नहीं देगा ,इस सर्वशक्तिमान से यही प्राथना हो की वह हमारी यही गुजारिश सुन ले।
काश ईश्वर हमें यही जिंदगी गुजारने का मौका नहीं देगा ,इस सर्वशक्तिमान से यही प्राथना हो की वह हमारी यही गुजारिश सुन ले।
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